बुजुर्गों के लिए Seniorcare Ageing Growth Engine कार्यक्रम, स्टार्टअप को 1 करोड़ तक का फंड। SAGE Portal launched ।

बुजुर्गों के लिए Seniorcare Ageing Growth Engine कार्यक्रम, स्टार्टअप को 1 करोड़ तक का फंड। SAGE Portal launched ।

भरोसेमंद स्टार्टअप के जरिए एसएजीई से बुजुर्गों के लिये उत्पादों और सेवाओं को उपलब्ध कराया जाएगा और यह एक वन स्टॉप एक्सेस होगा आज सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने बुजुर्ग व्यक्तियों के लिए सीनियर केयर एजिंग ग्रोथ इंजन कार्यक्रम और SAGE पोर्टल को वर्चुअल तरीके से लांच किया।

SAGE पोर्टल भरोसेमंद स्टार्टअप के जरिए बुजुर्गों की देखभाल में इस्तेमाल होने वाले उत्पादों और सेवाओं को प्रदान करने वाला “वन-स्टॉप एक्सेस” होगा। स्टार्ट-अप का चयन नवीन उत्पादों और सेवाओं के आधार पर किया जाएगा। इसके तहत उन्हें वित्त, खाद्य और पूंजी प्रबंधन और कानूनी सलाह और उनसे जुड़ी तकनीकी सेवाएं देने के अलावा स्वास्थ्य, आवास, देखभाल केंद्र क्षेत्रों में सेवाएं देने में सक्षम होना चाहिए।

श्री थावरचंद गहलोत ने बताया कि हमारे देश में बुजुर्गों की संख्या लगातार बढ़ रही है, इसलिए इस बात का ध्यान रखने की जरूरत है कि बुजुर्ग खुश, स्वस्थ व आर्थिक और शारीरिक रूप से सक्रिय रहें, जिसके लिए 2016 में वरिष्ठ नागरिक कल्याण कोष शुरू किया गया था। वरिष्ठ नागरिकों से संबंधित सेवा कार्यक्रमों को आगे बढ़ाते हुए, सीनियरकेयर एजिंग ग्रोथ इंजन (एसएजीई) पोर्टल लॉन्च किया गया है। मंत्री ने कहा कि बुजुर्गों की देखभाल के लिए सेवाएं प्रदान करने के क्षेत्र में उद्यमिता में रुचि रखने वाले व्यक्तियों को सहयोग देने के लिए एसएजीई कार्यक्रम और एसएजीई पोर्टल शुरू किया गया है।

बुजुर्गों की देखभाल के लिए स्टार्टअप को 1 करोड़ रुपये तक दिए जाएंगे। बुजुर्गो स्टार्टअप द्वारा दी जा रही सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे जिससे वह समाज में सक्रिय रहकर गरिमा से भरा जीवन जी सकें। 

SAGE के तहत चुने गए स्टार्ट-अप वे होंगे जो स्वास्थ्य, यात्रा, वित्त, कानूनी, आवास, भोजन जैसे विभिन्न क्षेत्रों में बुजुर्ग व्यक्तियों को नए और इन्नोवेटिंग उत्पाद और सेवाएं प्रदान करेंगे।

परिचय सत्र में बोलेते हुए श्री आर सुब्रह्मण्यम ने बताया कि अब सरकार न केवल गैर सरकारी संगठनों (NGO) के माध्यम से, बल्कि नवीन तरीकों के माध्यम से बुजुर्गों की सहायता करने के अपने दायरे का विस्तार कर रही है। मंत्रालय ने बुजुर्गों के लिए स्टार्ट-अप पर अधिकार प्राप्त समिति के सुझावों के अनुसार युवाओं की भागीदारी और बुजुर्गों की देखभाल के लिए उनके अभिनव विचारों के लिए एसएजीई कार्यक्रम तैयार किया है।

चालू वित्त वर्ष यानी 2021-22 में एसएजेई परियोजना के लिए 25 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। स्टार्ट-अप बुजुर्गों के लिए खास पोर्टल के माध्यम से एसएजीई का हिस्सा बनने के लिए आवेदन कर सकते हैं, जो 5 जून से खुलेगा। स्टार्ट-अप का चयन विशेषज्ञों की एक स्वतंत्र स्क्रीनिंग कमेटी द्वारा किया जाएगा। प्रत्येक चयनित स्टार्ट-अप को एकमुश्त इक्विटी के रूप में रु.1 करोड़ तक का फंड दिया जाएगा।

एसएजेई कार्यक्रम का उद्देश्य सीधे हितधारकों के लिए उत्पादों, समाधानों और सेवाओं की पहचान करना, मूल्यांकन करना, सत्यापित करना, एकत्र करना और वितरित करना है। मंत्रालय इन चयनित स्टार्ट-अप के माध्यम से बुजुर्गों को उत्पादों तक पहुंचने में सक्षम बनाने के लिए एक सुविधा के रूप में कार्य करेगा। भारत में बुजुर्गों की आबादी बढ़ रही है और सर्वेक्षणों के अनुसार, देश में कुल आबादी में बुजुर्गों की हिस्सेदारी 2001 में 7.5 प्रतिशत से बढ़कर 2026 तक लगभग 12.5 प्रतिशत और 2050 तक 19.5 प्रतिशत से अधिक होने की उम्मीद है। भारत में विशेष रूप से कोविड के बाद के दौर में एक अधिक मजबूत बुजुर्ग देखभाल पारिस्थितिकी तंत्र बनाने की तत्काल आवश्यकता है।

ईईसी की रिपोर्ट में इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि इस क्षेत्र में व्यापार के अवसर सामाजिक उद्यमों (गैर-लाभकारी, अनौपचारिक नेटवर्क), प्रौद्योगिकी स्टार्ट-अप (फिनटेक, एडुटेक, फूडटेक, हेल्थटेक, वेल्थटेक), कानूनी और वित्तीय सेवाओं (योजना समाधान, बीमा, मेडिको-लीगल), इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रबंधित देखभाल प्रणाली (वरिष्ठ नागरिकों के लिए आवास, रहने की सुविधाएं, देखभाल केंद्र) जैसे क्षेत्रों में हैं। अनुसंधान और डेटा-संचालन कंपनियां और सोशल इंटरप्राइजेज इन्क्यूबेटरों को भी एसएजेई का हिस्सा बनने के लिए आगे आने की उम्मीद है।

उम्मीद है की जा सकती है कि SAGE के शुरु होने से बुजुर्गों की देखभाल के कार्यक्रमों को सिर्फ एक सरकारी कार्यक्रम के बजाय एक राष्ट्रीय आंदोलन बनाने में मदद मिलेगी।

अधिका जानकारी के हेतु एसएजीई पीपीटी देखने के लिए कृपया यहां क्लिक करें

Summery in English : The SAGE portal will be a “one-stop access” of elderly care products and services by credible start-ups. . The start-ups will be selected on the basis of innovative products and services, which they should be able to provide across sectors such as health, housing, care centers, apart from technological access linked to finances, food and wealth management, and legal guidance.

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