अधर्म के ठेकेदार प्राइवेट अस्पताल

हिंदुस्तान में संगठित अपराध का सबसे बड़ा सेंटर अगर कहीं है तो वो प्राइवेट अस्पताल हैं। सरकारी अस्पताल तो बदइंतजामी और लापरवाही के चरम पर बैठे हैं, उनका रोना रोकर तो देश की जनता बीमार हो गई लेकिन उन्हीं सरकारी अस्पतालों की खस्ताहाली की कब्र पर फलते-फूलते इन अस्पतालों में इलाज के नाम पर धांधली और धतकरम के जितने भी रुप होते हैं,सब होते हैं।

कारपोरेट जगत की सामाजिक जिम्मेदारी

कारपोरेट जगत की सामाजिक जिम्मेदारी- मानव संसाधन की गुणवत्ता सुधारने में मदद करना कंपनियों के लिए भी आर्थिक रूप से उपयोगी है, अच्छी गुणवत्ता वाले लोग मिलने से भी भर्ती की लागत कम होने की साथ ही उत्पादकता भी बेहतर होगी।

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