स्टार्ट-अप्स में निवेश के लिए लिए ट्राइफेड ने राष्ट्रीय पुरस्कारों का वर्चुअल संस्करण जीता

ट्राइफेड वॉरियर्स की टीम, देश भर में जनजातीय लोगों के जीवन में परिवर्तन के लिए लगन के साथ कार्य कर रही है। उनके अजेय प्रयासों और पहलों को 14 अक्टूबर, 2020 को आयोजित सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम-पीएसयू के लिये राष्ट्रीय उत्कृष्टता पुरस्कार के वर्चुअल संस्करण में पहचान प्राप्त हुई। संयुक्त टीम ने तीन पुरस्कार जीते हैं। श्री प्रवीर कृष्ण के अनुकरणीय और प्रेरणादायक नेतृत्व के लिए वर्ष के मुख्य कार्यकारी अधिकारी-सीईओ और दूरदर्शी नेतृत्व पुरस्कार श्रेणियों में दो व्यक्तिगत पुरस्कार मिले हैं। स्टार्ट-अप्स श्रेणी में निवेश के लिये एक सामूहिक पुरस्कार प्राप्त हुआ है।

सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम-पीएसयू के लिये राष्ट्रीय उत्कृष्टता पुरस्कार – पीएसयू सरकारी विभागों, सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों और उद्योग के नेताओं द्वारा की गई उत्कृष्ट पहलों को पहचान प्रदान करने वाला वर्चुअल माध्यम से आयोजित कार्यक्रम वर्ल्ड एचआरडी कांग्रेस की मेज़बानी में सम्पन्न हुआ। ये सभी सरकारी और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम देश की आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था और आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

यह पुरस्कार पूरे आदिवासी समुदाय की आजीविका के उत्पादन और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए श्री प्रवीर कृष्णा के योगदान को मान्यता प्रदान करता है। श्री प्रवीर कृष्ण के मध्य प्रदेश के बस्तर में एक जिला कलेक्टर के रूप में किये गये कार्य और ट्राइफेड वॉरियर्स की टीम के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के लिये यह पुरस्कार प्रदान किया गया है।

  • वन धन योजना पर कर रहे हैं काम

ट्राइफेड की पूरी टीम वन धन योजना के कार्यान्वयन और सफलता के लिए पिछले एक साल से विशेष रूप से अभूतपूर्व कोविड-19 संकट के दौरान काम कर रही है। इस अभियान का उद्देश्य एक आत्मनिर्भर आदिवासी भारत का निर्माण करना है।

ई-मार्केटप्लेस market.tribesindia.com की शुरुआत की थी

इस दृष्टि के अनुरूप ट्राइफेड का महत्वाकांक्षी उपक्रम, ई-मार्केटप्लेस (मार्केट डॉट ट्राइब्स इंडिया डॉट कॉम-market.tribesindia.com) की 2 अक्टूबर, 2020 को शुरुआत की गई थी। यह प्लेटफॉर्म देश भर के आदिवासी उद्यमों के उत्पादन और हस्तशिल्प का प्रदर्शन करता है और उनके उत्पादन / उत्पादों को सीधे बाजार में बेचने में मदद करता है। 5 लाख आदिवासी उद्यमों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों से जोड़ना, आदिवासी वाणिज्य के डिजिटलीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है।

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