स्टार्टअप इंडिया | स्टार्टअप इंडिया रजिस्ट्रेशन | कैसे करें Startup India में Registration। बिना रुकावट मिलेगा बिजनेस लोन

केंद्र सरकार द्वारा भारत में व्यापार और एंटरप्रेन्योरशिप में बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्टार्टअप इंडिया योजना (Startup India Yojana) आरंभ की गई है | प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा आरंभ की गई इस योजना द्वारा बिजनेस तथा आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा ।  हुनरमंद लोगों और आर्थिक तंगी के अबाव मे स्वरोजगार शुरु नही कर सकने वाले युवाओं को अगर विजनेस के लिए सहायता के साधन उपलब्ध हों तो देश में बेरोजगारी की समस्या से लड़ा जा सकता है । लेकिन सवाल तो ये उठता है कि अगर बिजनेस शुरू करना है, तो इसके लिए बैंक से लोन लेने की आवश्यकता पड़ेगी, लेकिन अब इल सवाल का भी जवाब मिल गया है । जिन लोगों के पास लोन लेने के लिए कोई गारंटी नहीं है, वह सरकार की स्टार्ट अप इंडिया (Startup India Scheme) का लाभ उठा सकते हैं। इस योजना के तहत आप एक छोटे व्यापार की शुरुआत आसानी से कर सकते हैं। इस योजाना का लाभ कैसे उठाया जा सकता है यह जानने से पहले इस योजना के बारे में  थोड़ा विस्तार से जान लेना उचित होगा । ताकि योजने के सभी पहलुओं से आप अवगत रहें।

क्या है स्टार्ट अप इंडिया योजना (What is Startup India Scheme)

केंद्र सरकार द्वारा लागू की गई स्टार्ट अप इंडिया योजना का लक्ष्य व्यापार और एंटरप्रेन्योरशिप में बढ़ावा देने है। इसके साथ ही रोजगार के अवसर प्रदान करना है। इसके तहत नई सोच रखने वाले युवाओं को जोड़ा जाता है, ताकि उन्हें रोजगार का अवसर मिल सके। इसके अलावा दूसरों को भी नौकरी प्रदान कर सकें। इस योजना के तहत लोन की सुविधा, अनुकूल वातावरण और उचित मार्गदर्शन आदि उपलब्ध कराई जाती है। योजना का नियंत्रण डिपार्टमेंट ऑफ़ इंडस्ट्रियल पॉलिसी और प्रमोशन द्वारा होता है।

योजना को पूरी तरह कामयाब बनाने के लिए केंद्र सरकार ने Startup India Scheme के लिए एक पोर्टल भी बनाया है। इस पोर्टल का नाम Starupindia हीं रखा गया है। देश का कोई भी युवा या कारोबारी जो अपना बिज़नेस करना चाहता है या फिर अपने कारोबार को आगे बढ़ाना चाहता है वह स्टार्टअअप इंडिया के पोर्टल पर अपना पंजीकरण करा सकता है।

स्टार्टअप इंडिया स्कीम का लाभ उठाने के लिए आवेदन करने वाले लोगों को योजना से जुड़ी कुछ शर्तो का भी पूरा करना होगा। अगर कोई व्यक्ति इस योजना के लिए अपनी पात्रता सिद्द नहीं कर पाता तो उसे इस स्कीम का लाभ नहीं दिया जाएगा। अगर आप भी Startup India Yojana का लाभ लेना चाहते हैं या इससे जुड़ी किसी भी तरह की जानकारी हासिल करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको हमारे साथ अंत तक बने रहना होगा। इस योजना की सभी जानकारी आपको विस्तार से देंगे।

स्टार्ट अप इंडिया योजना । Startup India Yojana का उद्देश्य

केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही स्टार्टअप इंडिया योजना का मुख्य उद्देश्य देश में अधिक से अधिक लोगों को बिज़नेस करने के लिए प्रेरित करना है। यह हम सभी जानते हैं कि हमारा देश के युवा नौकरियों पर बहुत अधिक निर्भर करते है। यंहा ना के बराबर लोग ही अपना कारोबार कर पाते हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि ना तो उनके पास कारोबार करने के लिए पैसा होता है और ना ही मार्गदर्शन करने वाला कोई व्यक्ति। सरकार देश में ऐसे ही लोगों की समस्या को खत्म करने और बिज़नेस की सोच रखने वाले लोगों को आगे बढ़ाने के लिए Startup India की शुरूवात की है।

स्टार्ट अप इंडिया योजना के महत्वपूर्ण बिंदु और से लाभ (Main Points and Benefits from Startup India Scheme)
  • इस योजना की शुरुआत 16 जनवरी 2016 में हुआ था।
  • योजना का लाभ उन लोगों को भी दिया जाएगा, जिनका कारोबार सात साल पुराना ही है और उनका टर्नओवर पच्चीस करोड़ से कम रहा है।
  • योजना का लाभ देश का कोई भी नया उद्यमी ले सकता है।
  • स्कीम के लाभार्थियों को तीन साल तक ली गई रकम पर टैक्स नहीं देना होगा।
  • योजना का मुख्य उद्देश्य युवाओं को बिज़नेस की ओर ले जाना होगा, ताकि वह नौकरी ढूंढने की बजाय नौकरी देने के लायक बनाना है।
 स्टार्टअप इंडिया योजना के लाभ
  • योजना के लिए आवेदन महिला और पुरूष दोनो ही कर सकते हैं।
  • आवेदन करने वाले व्यक्ति को ना केवल आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी, बल्कि उसे बिज़नेस को लेकर प्रशिक्षित भी किया जाएगा।
  • इसमें 3 वर्ष तक के लिए कोई निरीक्षण नहीं किया जाएगा।
  • योजना के लाभार्थी को 3 साल के लिए टैक्स पर छूट दी जाएगी, यानी तीन साल तक टैक्स भरने की आवश्यकता नहीं होगी।
  • अगर किसी लाभार्थी के कारोबार में निरंतर नुकसान हो रहा है, या फिर वह कारोबार नहीं करना चाहता तो उसे इसके लिए 90 दिन का समय दिया जाएगा।
  • योजना के माध्यम से आवेदकों को आर्थिक सहायता दी जाती है।
  • योजना के लाभार्थियों को लागत की 20 प्रतिशत की रकम पर कभी कोई टैक्स देने की आवश्यकता नहीं होगी।
  • इस योजना से नए रोजगार रोजगार के अवसर पैदा होंगे|
  • इससे आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा|

Startup India Yojana में आवेदन की शर्ते एव दस्तावेज
  • योजना में आवेदन एक लिमिटेड कंपनी या व्यक्ति के रूप में किया जा सकेगा।
  • आवेदन करने वाले व्यक्ति का बिज़नेस प्लान पूरी तरह साफ होना चाहिए, इसमें अधिक आय अर्जित करने और रोज़गार पैदा करने की क्षमता होनी चाहिए।
  • अगर कंपनी के तौर पर आवेदन किया जाता है, तो ध्यान रहे कंपनी सात साल से पुरानी ना हो।
  • कंपनी के तौर पर आवेदन करने पर उसका टर्नओवर 25 करोड़ से अधिक नहीं होना चाहिए।

स्टार्ट अप इंडिया योजना के लिए आवेदन कैसे करें  (Application for Startup India Scheme)

योजना के तहत औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग के आधिकारिक वेबसाइट या फिर मोबाइल ऐप पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

कैसे करें स्टार्टअप इंडिया के लिए रजिस्ट्रेशन

  1. आवेदनकर्ता को सबसे पहले आपको इस योजना की आधिकारिक साइट पर जाना होगा जिसका लिंक यह है। आधिकारिक वेबसाइट पर जाने के लिए यहां क्लिक करें| https://www.startupindia.gov.in/
  2. लिंक पर क्लिक करते ही आप साइट के होम पेज पर पंहुच जाएंगे। यहां जा कर आपको दाएं साइड में उपर कोने पर में एक विकल्प दिखाई देगा। यंहा इस पर क्लिक करना होगा। नीचे चित्र देखें, इसके बाद आपको रजिस्टर पर क्लिक करना होगा।
  3. अब सामने एक नया पेज खुल जाएगा यंहा एक फॉर्म दिखाई देगा और इस फॉर्म को भर कर अपना रजिस्ट्रेशन करें।

4. इस तरह आपकी एक लॉगिन आईडी बन जाएगी उसके बाद आपको अपने अंकाउंट में लॉगिन करना होगा।

5. यहां आपको स्टार्टअप का फॉर्म भरना होगा। इसमें पूछी गई सभी जानकारी और दस्तावेज़ लगाने होंगे।

6.Form Submit करना होगा, और आपके द्वारा जमा किए गए फॉर्म की जांच की जाएगी।

7. फॉर्म में सब कुछ सही होने पर आपको स्टार्टअप इंडिया स्कीम का लाभ मिल जाएगा।

योजना संबंधित प्रशनोत्तर

1. स्टार्टअप इंडिया स्कीम का प्रारंभ कब हुआ था?

इस स्कीम का आरंभ 16 जनवरी 2016 में हुआ था।

2. क्या इस स्कीम में लोगों को आर्थिक सहायता दी जाएगी

हां इस स्कीम के लाभार्थियों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।

3. क्या पुराने उद्यमी और कारोबारी भी इस स्कीम में रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं?

हां, अगर कोई कंपनी केवल 7 साल से चल रही है, और उसका टर्नओवर 25 करोड़ नहीं हुआ है, वह इसमें आवेदन कर सकती हैं।

4. स्टार्टअप इंडिया हब क्या है?

स्टार्टअप इंडिया हब, स्टार्टअप इकोसिस्टम के सभी हिस्सेदारों के लिए एकमात्र मंच है, जो एक-दूसरे से बातचीत करने, ज्ञान का आदान-प्रदान करने और अत्यधिक गतिशील वातावरण में सफल भागीदारी बनाने का मौका देता है.

5. निवेशक स्टार्टअप में कैसे योगदान दे सकते हैं?

निवेशक, खास तौर पर पूंजीपति (वीसी) कई तरीकों से स्टार्टअप को बेहतर बनाता है:

  • स्टेकहोल्डर का प्रबंधन: स्टार्टअप को बेहतर तरीके से चलाने के लिए निवेशक, स्टार्टअप को नेतृत्व देता है और कंपनी बोर्ड का प्रबंधन करता हैइसके अलावा, उसके कार्यात्मक अनुभव, स्टार्टअप में निवेश और काम करने की जानकारी कंपनी को एक दृष्टि और दिशा प्रदान करती है.
  • फंड जुटाना: निवेशक, स्टेज, मेच्योरिटी और सेक्टर फोकस आदि के आधार पर अलग-अलग दौर में फंडिंग जुटाने के लिए स्टार्टअप के लिए बेहतर मार्गदर्शक होते हैं. निवेशक, फाउंडर्स के बीच में नेटवर्किंग बढ़ाने और संबंध जोड़ने में मदद करते हैं, ताकि वह अन्य निवेशकों को अपने बिज़नेस के बारे में बता सकें.
  • प्रतिभा का चयन: स्टार्टअप के लिए उच्च गुणवत्ता वाले और सबसे उपयुक्त व्यक्ति की तलाश करना मुश्किल काम है. खासकर तब, जब वरिष्ठ अधिकारियों को व्यावसायिक लक्ष्यों के प्रबंधन और संचालन के लिए भर्ती करने की बात आती है, तो इसके लिए पूंजीपति अपने व्यापक नेटवर्क के ज़रिए सही समय पर सही लोगों को भर्ती करके उस कमी को पूरा करने में मदद कर सकते हैं.
  • मार्केटिंग: पूंजीपति आपके उत्पाद/सेवा के लिए मार्केटिंग रणनीति में सहयोग करते हैं.
  • M&A गतिविधि: इस इकोसिस्टम के दूसरे अन्य उद्यमियों के साथ मर्जर और उनके अधिग्रहण के अवसरों को देखते हुए, पूंजीपति हमेशा अपनी आंख और कान खुले रखते हैं, ताकि असामान्य वृद्धि के ज़रिए व्यवसाय को ज़्यादा से ज़्यादा बेहतर बनाया जा सके.
  • संस्थाकगत पुनर्संरचना: एक युवा स्टार्टअप जब एक स्थापित कंपनी के रूप में परिपक्व हो जाता है, तो वेंचर कैपिटलिस्ट ऑर्गनाइजेशन के सही स्ट्रक्चर में मदद करते हैं और उस प्रक्रिया के बारे में बताते हैं जिससे कम लागत में, कंपनी की पूंजी और कुशलता दोनों में वृद्धि हो सके.

6. निवेशक स्टार्टअप में निवेश क्यों करते हैं?

स्टार्टअप में निवेश जोखिम भरा काम है, लेकिन ओवरहेड कैपिटल की कम जरूरत और स्टार्टअप के आगे बढ़ने की संभावनाओं को देखते हुए निवेशकों को स्टार्टअप पर दांव लगाना फायदे का सौदा दिखता है.

थॉमसन रॉयटर्स वेंचर कैपिटल रिसर्च इंडेक्स के मुताबिक 1996 के बाद से 2012 तक वेंचर कैपिटल इंडस्ट्री को करीब 20 प्रतिशत सालाना का रिटर्न मिला है, जबकि इसके मुकाबले पब्लिक इक्विटी और बॉन्ड में 7.5% और 5.9% का मामूली रिटर्न मिला.

7. मैं हब पर अपनी प्रोफाइल कैसे रजिस्टर कर सकता हूं?

हब पर प्रोफाइल रजिस्ट्रर करना आसान प्रक्रिया है.

  • पेज के ऊपर दाहिने हाथ पर ‘रजिस्टर’ टैब पर क्लिक करने से आप सत्यापन के लिए ‘MyGov’ (मेरी सरकार) के नए पेज पर पहुंच जाएंगे. यहां आपसे कुछ जानकारियां जैसे नाम, ईमेल एड्रेस आदि पूछा जाएगा. आपको सत्यापन के लिए वन टाइम पासवर्ड मिलेगा और साथ ही नया पासवर्ड बनाने के लिए एक लिंक भी दिया जाएगा.
  • चरण 1- लॉग-इन की जानकारी भरकर साइन इन करें इससे आप हब में पहुंच जाएंगे जहां आप ऐसे किसी स्टेकहोल्डर की प्रोफाइल चुन सकते हैं या बना सकते हैं, जो आपकी भूमिका को पूरी तरह निभा सकता हो.

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