“Coopratives Banks और Credit Societies को आयकर अधिनियम के तहत छूट मिले”

आयकर अधिनियम के तहत सहकारी बैंकों और क्रेडिट सोसायटी छूट मिले: डॉ. अभयंकर

नई दिल्ली, 14 फरवरी, नेशनल फेडरेशन के शहरी सहकारी बैंकों और क्रेडिट सोसायटी लिमिटेड (NAFCUB), के नव निर्वाचित अध्यक्ष  डॉ. एम. एल अभयंकर ने शहरी सहकारी बैंकों की आय पर आयकर छूट की लाभ की बहाली की मांग की है। उन्होंने 2006 से पहले उपलब्ध छूट को आधार बनाते हुए कहा है कि यह छूट आयकर अधिनियम की 80(पी) मलती रही है। सहकारी जनकल्याणकारी उद्यमिता को बढावा देने के लिए ऐसी छूट का मिलना जरूरी है।

डॉ. अभयंकर ने संवाददाताओं से बातचीत के दौरान कहा ” सरकार को DIGC योजना के तहत मिलने वाली सहायता राशि को भी एक लाख रुपए बढाकर से तीन से पांच रुपए तक करना चाहिए। इससे शहरी सहकारी बैंकों की तरक्की संभव होगी ओर समाज के हर वर्ग का आर्थिक एवं वित्तीय समायोजन हो सकेगा।. “

उन्होंने बताया कि देश के 619 जिलों में से सिर्फ 330 जिलों में ही शहरी सहकारी बैंक काम कर रही हैं। बाकी जगहों पर इसके विस्तार के लिए भारतीय रिजर्व बैंक की अनुमति का इंतजार है। उन्होंने सरकार से नए शहरी सहकारी बैंकों के लाइसेंस के लिए मालेगांव समिति की सिफारिश को तत्काल लागू करने का अनुरोध किया। यह शहरी सहकारी बैंकों को देश के सभी जिलों को विस्तार देने में मदद करेगा।

NAFCUB देश की शहरी सहकारी बैंकों और क्रेडिट सोसायटी की शीर्ष संस्था है। इसका मुख्य उद्देश्य देश भर में शहरी सहकारी क्रेडिट आंदोलन को बढ़ावा देने और शहरी क्षेत्र के कम आय वर्ग के निवेशकों की आर्थिक हित की रक्षा करना है। फेडरेशन के संचालन के क्षेत्र समूचे देश में है। यह फेडरेशन पूरे देश की 1606 शहरी सहकारी बैंकों और 50000 कोऑपरेटिव क्रेडिट सोसायटी का प्रतिनिधित्व करता है।

*Full form of NAFCUB : National Federation of Urban Cooperative Banks and Credit Societies Ltd. 

Leave a Reply

error: Content is protected !! Plz Contact us 9560775355