भविष्य की सितारा नैंसी । SINGING STAR IN THE MAKING

प्रतिभाओं को तराशने और तलाशने की कवायद कोरोना काल में भी जारी है। देश भर में कई तरह की ऑनलाइन कंप्टीशन का दौर चल रहा है। ऐसे ही एक गायन प्रतियोगिता में चंदौली जनपद की मुगलसराय की रहने वाली नैंसी तिवारी ने धमाल मचाया है। इंस्टाग्राम पर चल रहे Internet got talent competition के सेमीफाइनल में पहुंच गई हैं। अस्मित पटेल एवं रिचा सिंह द्वारा संचालित इस कम्पटीशन में नैंसी बड़े शहरों के अपने कंपिटिटर प्रतिभागियों को कड़ी टक्कर दे रही हैं। नैंसी की सफलता में उसे पिता अभय तिवारी का भी अहम योगदान है, जो खुद म्यूजिक से जुड़े हुए हैं। नैंसी जिस तेजी से आगे बढ़ रही हैं, उससे उम्मीद जगती है कि वह भविष्य की सितारा हैं। छोटे शहर में गायन सुविधाओं की लिमिटेशन के बीच नैंसी इसके पहले भी स्कूली स्तर पर लता मंगेशकर सम्मान से सम्मानित की जा चुकी हैं। नैंसी इंटर की छात्रा हैं तथा वोकल म्यूजिक सीखती हैं। अपने यूट्यूब चैनल ‘नैंसी ट्यून्स ऑफिसियल’ के जरिये वह धमाल मचा मचा रही हैं। नैंसी के गाने को लोगों ने काफी पसंद किया है।

नैंसी के पिता अभय तिवारी भी संगीत के तकनीकी क्षेत्र से जुड़े हुए हैं, लिहाजा नैंसी को अपने घर में ही संगीत का माहौल मिला। अभय बताते हैं कि नैंसी को बचपन से ही संगीत के प्रति रुझान था विशेषकर गायन में। प्राथमिक स्तर से ही नैंसी स्कूल के द्वारा आयोजित किसी भी गीत संगीत में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेती रही है चाहे वो एसेम्बली गीत हो या वार्षिक आयोजन। कक्षा 4 से हीं निरंतर अपने स्कूल के संगीत ग्रुप की हिस्सा रही है। अभय आगे बताते हैं प्रारंभिक संगीत और गायन की शिक्षा मेरे मार्गदर्शन में मिली। मुगलसराय जैसे छोटे शहर में अच्छे गुरुओं की कमी है, लिहाजा वह बड़े गायकों को सुनती है और गीत-संगीत, सुर-लय-ताल समझने की कोशिश करती है। उसका मुख्य रूप से रूझान वेस्टर्न संगीत की तरफ रहता है और साथ ही साथ हिन्दी संगीत की बारीकियों को भी समझ रही है। उसका सपना प्लेबैक सिंगर बनने का है।

संगीत की बारीकियों को समझने के साथ हीं नैसी कुछ इंस्ट्रूमेंट की भी शिक्षा ले रही ताकि संगीत को और अच्छे से समझ सके। हाईस्कूल तक की शिक्षा मिशनरी स्कूल से लिया और इण्टर की शिक्षा सीबीएससी बोर्ड से। नैंसी ने इसी साल इण्टर की परीक्षा अच्छे नंबरों के साथ पास की है। अभय बताते हैं कि मैं भी म्यूजिक से बहुत दिनों से जुड़ा हुआ हूँ। मेरा स्टूडियो है, जिसमें मैं रिकार्डिस्ट हूँ और गीतों को मिक्स्ड और मास्टर करता हूँ तो संगीत की प्रारंभिक शिक्षा की समझ नैंसी को यहीं से मिली। इसके बाद उसने संगीत की शिक्षा मेरे मित्र विजय राज से लिया, जो सनबीम स्कूल मुगलसराय में संगीत के शिक्षक हैं। अभय निराश भाव से कहते हैं कि हमारे इलाके में संगीत को बढ़ावा देने वाले लोगों की संख्या बहुत कम है। कोई ढंग का गीत लिखने वाला नहीं है, बावजूद वह खुद ही गीत लिखती है और कम्पोज करती है। कुछ अच्छे और संगीत की समझ रखने वाले कुछ साथियों का भी इसमें सहयोग मिलता है। राहुल मसीह का विशेष सहयोग निरंतर मिलता है, जो बेहतरीन म्यूजिक प्लेयर और अरेंजर हैं। मैं रिकार्डिस्ट हूँ और अपने बेटी के गीतों को मैंने ही रिकार्ड और मिक्स्ड मास्टर्ड किया है।

नैंसी के पिता गर्व भाव से कहते हैं कि संगीत और खासकर गायन की बात करें तो मेरी बेटी में ये गुण प्राकृतिक है। बिना किसी प्रॉपर संगीत की शिक्षा लिये वह क्लास चार से अब तक निरंतर गायन में अपनी छाप छोड़ती आ रही है। इसके लिए उसके स्कूल भी उसे सम्मानित करते रहे हैं। सनबीम स्कूल के द्वारा पिछले साल 2019-2020 के लिए उसे सर्वश्रेष्ठ सिंगर के लिए लता मंगेशकर अवार्ड से सम्मानित किया गया। पिता को उम्मीद है कि उनकी बेटी आगे चलकर ना केवल जनपद का बल्कि प्रदेश का मान बढाएंगी, देश भर में उसकी प्रतिभा को मान और पहचान मिलेगी।

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