“रिजोइस हेल्थ फाउंडेशन” ने राष्ट्रीय रेजोइस आयुष अवार्ड का आयोजन किया। Ayush Award

भारत में मानवतावादी स्वास्थ सेवाओं को प्रोत्साहित करने वाली संस्था “रिजोइस हेल्थ फाउंडेशन” ने आज रविवार 17 नवंबर 2019 को राष्ट्रीय रेजोइस आयुष अवार्ड का आयोजन किया.

इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में  कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए मुख्य अतिथि माननीय आयुष मंत्री, स्वतंत्र प्रभार, एवं रक्षा राज्य मंत्री, श्री श्रीपद नाइक ने कहा कि दिव्यांगों के समग्र विकास के लिए यह संस्था सराहनीय कार्य कर रही है इस संस्था का प्रमुख उद्देश्य भारत में आयुष पद्धति के माध्यम से स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में सराहनीय योगदान देना रहा है इसके लिए यह संस्था बधाई की पात्र है.

दिव्यांगों के स्वास्थ्य के लिए किए जा रहे नेक कार्य के लिए आयुष मंत्रालय रिजोइस फाउंडेशन के पूरा सहयोग करेगा और हर कदम पर साथ चलने के लिए तैयार है। यहां तक पहुंचने के लिए हम सबको साथ चलने की जरूरत है। इसमें आप सभी का योगदान है। न सिर्फ होमियोपैथी बल्कि योग नेचुरोपैथी और आयुर्वेद के माध्यम से यह संस्था प्रधानमंत्री जी के फिट इंडिया मूमेंट को भी आगे बढ़ा रही है। यह हमारे मंत्रालय के लिए भी गौरव की बात है।  हमेशा की तरह आगे भी यह संस्था नई ऊंचाइयों को छूती रहे। मैं संस्था के प्रेजिडेंट डॉ नवल को शुभकामनाये देता हूँ।

विशिष्ट अतिथि माननीय सांसद श्रीमती रमा देवी (चेयरमैन, सामाजिक न्याय संसदीय कमेटी) ने इस संस्था के द्वारा दिव्यांगों के हित में किये जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि यह बहुत ही नेक कार्य है इसकी जितना सराहना कि जाए कम है। भारत सरकार ने अनेकों योजनाओं एवं कार्यक्रमों के जरिये दिव्यांगजनों के लिए बेहतर प्रयास किये हैं। मुझे खुशी है कि गैर सरकारी संस्थाएं भी इस परोपकारी कार्य के लिए आगे रही हैं जिनमें से रिजोइस संस्था ने काफी सराहनीय काम किये है ।

डॉ नवल ने आगे भी इस तरह के कार्य करते रहने की इच्छा व्यक्त करते हुए देश भर में दिव्यंजनो की गणना करने का लक्ष्य रखा है। मैं उन्हें आज यह भरोसे के साथ कह रही हूं कि इस कार्य के लिए जो भी मदद की जरूरत होगी सरकार की तरफ से हर सम्भव प्रयास किया जाएगा। मुझे व्यक्तिगत तौर पर लगता है कि दिव्यांगजों के समग्र विकास के लिए उनकी सही गणना होना बेहद जरूरी भी है इससे उनके लिए बनाई जा रही योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन किया जा सकेगा।

श्रीमती रमा देवी ने आगे कहा मुझे पता चला है कि होमियोपैथी के माध्यम से ऑटिज्म के इलाज में केंद्रीय होमियोपैथी रिसर्च कॉउंसिल (CCRH) ने भी सराहनीय योगदान दिया है। इसके अलावा आयुर्वेद के द्वारा भी इसका इलाज संभव हुआ है। मैं इसके लिए सभी संस्थाओं को धन्यवाद देती हूँ और आशा करती हूं कि आगे भी सरकारी और अन्य गैर सरकारी संस्थाएं इस नेक कार्य के क्षेत्र में योगदान देती रहेंगी। दिव्यंजनो की भावना को ख्याल रखते हुए माननीय प्रधानमंत्री जी ने सराहनीय योगदान किया है इसी प्रकार हम सभी को भी इस नेक कार्य के लिए आगे आना चाहिए और दिव्यांगजनो को बेहतर सहयोग देना चाहिए।

अवार्ड कार्यक्रम में करीब 200 प्रतिनिधि, जिनमें विभिन्न आयुष सिस्टम के डॉक्टर्स और अन्य लोग शामिल हुए. संस्था ने आयुष के क्षेत्र में अभिन्न योगदान देने वाली हस्तियों को सम्मानित किया।  कार्यक्रम में मुख्य अतिथि का स्वागत संस्था के प्रेजिडेंट माननीय डॉ नवल कुमार द्वारा किया तथा उन्होंने संस्था के विभिन्न योगदानों तथा आयुष पद्दति की जागरूकता पर प्रकाश डाला।

प्रोग्राम के अंत में रिजोइस संस्था की ओर से माननीय सांसद ने दिव्यंजनो के लिए “I LOVE MOM ” नामक कैम्पेन भी लांच किया। डॉ नवल ने बताया कि यह कैम्पेन विशेष रूप से दिव्यांग बच्चों के लिये काम करने के लिए शुरू किया गया है। इसके माध्यम से मंत्रालय के साथ मिलकर न सिर्फ उनके इलाज के लिए बल्कि उनके रोजगार के लिए भी मौके तराशे जाएंगे ताकि वह आगे चलकर अपने पैरों पर खड़े हो सकें।

चार प्रमुख क्षेत्रों में प्रोफेसर वैद्य के एस धीमान, डायरेक्टर जनरल (CCRAS)-आयुर्वेद, डॉ ईश्वर वी बसवरेड्डी डायरेक्टर (MDNIY)- योग, प्रोफेसर असीम अली खान डायरेक्टर जनरल (CCRUM) -यूनानी, और डॉ पी के सुधीर – होमियोपैथी, को रिजॉइस आयुष रत्न अवार्ड प्रदान किया गया.

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