एनजीओ पर शिकंजा कसने की तैयारी, गृह मंत्रालय दे सकता है आंतरिक जांच का आदेश

नई दिल्ली। एनजीओ द्वारा विदेशी योगदान नियमन कानून (FCRA) के प्रावधानों के उल्लंघन पर नजर रखने वाले गृह मंत्रालय के फॉरनर्स डिवीजन में कथित अनियमितताओं के मामले में मंत्रालय आंतरिक जांच का आदेश दे सकता है। एक शीर्ष अधिकारी के अनुसार पूरे मामले में पड़ताल के लिए विभागीय जांच का आदेश देने से पहले मंत्रालय सीबीआई की एक रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है जिसने गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) को दिये गये एफसीआरए नोटिसों और कुछ महत्वपूर्ण फाइलों के गुम होने के सिलसिले में एक मामला दर्ज किया था। अधिकारी ने कहा कि मंत्रालय सुनिश्चित करना चाहता है कि फॉरनर्स डिवीजन से संबंधित सभी महत्वपूर्ण फाइलें और दस्तावेज सुरक्षित रहें।

आईबी ने पिछले दो साल में अनेक एनजीओ की गतिविधियों के बारे में महत्वपूर्ण सूचना एकत्रित की थी जिसके बाद उनमें से कई के खिलाफ कार्रवाई की गई। अधिकारी के अनुसार गृह मंत्रालय चाहता है कि ऐसा कोई महत्वपूर्ण दस्तावेज लापता नहीं हो। इस मामले से संबंधित एक घटनाक्रम में गृह मंत्रालय में अवर सचिव के तौर पर कार्यरत आनंद जोशी कल से लापता हैं जिनके खिलाफ सीबीआई ने एनजीओ को जारी एफसीआरए नोटिसों के सिलसिले में एक मामला दर्ज किया था। उन पर विभिन्न एनजीओ की कई फाइलें अपने साथ ले जाने का आरोप है। इनमें एक फाइल स्वयंसेवी संगठन केयर इंडिया से संबंधित होने का आरोप है।

हालांकि जोशी ने मंगलवार को दावा किया था कि सीबीआई को उनके पास से कुछ नहीं मिला है। उन्होंने कोई फाइल अपने घर ले जाने की बात से इनकार किया। उन्होंने कहा था कि सारी फाइलें गृह मंत्रालय में ही मिलीं। सीसीटीवी कैमरे खंगालने के बाद इसका सत्यापन किया जा सकता है।

जोशी ने दावा किया था कि गृह मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव बी के प्रसाद ने उन पर फोर्ड फाउंडेशन समेत कुछ एनजीओ को क्लीन चिट देने के लिए दबाव डाला था और धमकाया था। फोर्ड फाउंडेशन पर एफसीआरए के प्रावधानों का उल्लंघन करने का आरोप है। गृह मंत्रालय के फॉरिनर्स डिवीजन के प्रमुख प्रसाद ने इन आरोपों को खारिज कर दिया।

स्रोत- आईबिएन खबर 

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