आधी आबादी ‘मांगे मोर’- डा. प्राची पाठक

आधी आबादी ‘मांगे मोर’- डा. प्राची पाठक

फील द चेंज एक सोच है ,एक विचार है, जिसने देश- विदेश में हो रहे बड़े बदलावों को जनता तक पहुंचाने का जिम्मा उठाया है। ना सिर्फ पहुंचाने का बल्कि इस संस्था का मकसद बदलावों से होने वाले नफा नुकसान से भी इंडियंस को रुबरु कराना है। यह संस्था देश के विभिन्न हिस्सों में लोगों को विकास के असल मतलब से रुबरु करा रही है। ऐसा कहना है फील द चेंज फाउंडेशन की उप सचिव डा. प्राची पाठक का ।

प्राची ने बताया कि फील द चेंज अपने अलग अलग कंपेन्स के माध्यम  से देश के विभिन्न हिस्सों में काम कर रही है। और संस्था के काम को सराहा भी जा रहा है। प्राची ने बताया की फील द चेंज ने यूपी के बुलंदशहर में महिलाओं को जागरुक करने के लिए अवेयरनेंस प्रोग्राम चलाया था । जिसे वहां के स्थानीय लोगों ने काफी सराहा। बुलंदशहर के ही रहने वाले सेवानिवृत प्रधानाचार्य बालकिशन पाठक ने भी फील द चेंज की तरफ से किए जा रहे कार्यों की काफी तारीफ की है.। श्री पाठक ने कहा कि यह सही बात है कि समाज और देश में बदलाव हो रहे है लेकिन केवल बदलाव होने से तो सबकुछ नहीं होता। अच्छे दिन तो तभी आ सकते है जब बदलाव का लाभ हर हिंदुस्तानी को मिले। वहीं प्राची ने महिलाओं के विकास के मुद्दे पर बात करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि महिलाएं केवल कागज़ों में नहीं बल्कि असल में पुरुषों के कदम से कदम मिलाएंगी। उन्होने बताया कि फील द चेंज देश स्तर पर फील हैप्पी कंपेन चला रही है। जिसके तहत संस्था देश के कई महिला कॉलेजों में जाकर छात्राओँ को जागरुक करती है। ताकि वो अपने अधिकारों को समझे और उसका इस्तेमाल करें। क्योंकि जबतक महिलाएं विकास की राह में कदमताल नहीं मिलाती है तबतक संपूर्ण विकास की बात बेमानी सी लगती है।

प्राची ने कहा कि हम इंटरनेट के युग में जी रहे है। सबकुछ बहुत आसान सा लगता है.। लेकिन अभी भी शहरों और गांवों की बहुत ऐसी छात्राएं जिन्हे इंटरनेट के बारे में पता तक नहीं है। ऐसे मे हम कैसे मान ले कि देश में समान विकास हो रहे है। फील द चेंज फाउंडेशन की उप- सचिव प्राची पाठक ने कहा कि हमारी संस्था हर हाल में महिलाओं को असल विकास की राह से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। वहीं उन्होने कहा कि फील द चेंज का नारा ही यही है….  ‘बी द चेंज.. फॉर द चेंज फील द चेंज’।

फील द चेंज फाउंडेशन की उप सचिव डा. प्राची पाठक पेशे से डॉक्टर है। उन्होने  दिल्ली यूनिवर्सिटी से अपनी शिक्षा पूरी की है।  वो अभी दिल्ली में एक प्राइवेट हॉस्पिटल से अपनी सेवाएं दे रही है। प्राची हमेशा से ही गरीबों और जरुरतमंदों की मदद करने में आगे रहती है। शायद यही वजह है कि उन्होने डॉक्टर बनने की ठानी और समाज सेवा कार्य से जुड़ी हुई है। फील द चेंज का सपना जो प्राची ने देखा है उसे पूरा करने के प्राची ने देशवासियों से साथ आने की  अपील की है। फील द चेंज फाउंडेशन के बारे में ज्यादा जानकारी यहां www.feelthechange.in से ली जा सकती है।

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