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हाईकोर्ट ने एनजीओ के फर्जीवाड़े पर कार्रवाई करने का दिया आदेश

जबलपुर। हाईकोर्ट ने आयुक्त नगरीय प्रशासन को सीहोर बुधनी में एनजीओ घोटाले की जांच के निर्देश दिए हैं और इसके लिए आठ सप्ताह का समय सीमा निर्धारित किया है।

मुख्य न्यायाधीश अजय माणिकराव खानविलकर व जस्टिस आलोक आराधे की युगलपीठ में मामले की सुनवाई हुई। सुनवाही दौरान जनहित याचिकाकर्ता सीहोर बुधनी निवासी रामभरोसे मीणा का पक्ष अधिवक्ता प्रमोद सिंह तोमर ने रखा। याचिकाकर्ता ने दलील दिया कि शिवानी यादव नामक महिला सीहोर बुधनी में दो एनजीओ संचालित करती है। उनमें से एक का नाम बुधनी समाज समिति और दूसरे का नाम रेवा समाज समिति है। पहला बाकायदे पंजीकृत एनजीओ है जबकि दूसरा गैर पंजीकृत और फर्जी है। इसके बावजूद मिलीभगत के जरिए दोनों एनजीओ के नाम पर अनुदान हासिल कर लंबे समय से फर्जीवाड़ा किया जा रहा है।

एनजीओ, पार्षद और सीएमओ के साथ सांठगांठ के चलते एनजीओ की  संचालिका फर्जीवाड़े को बड़ी आसानी से अंजाम देती आई है प्रशिक्षण के नाम पर काफी राशि का घोटाला किया है।

 

Key words- jabalpur । ngo । हाईकोर्ट । एनजीओ जबलपुर।