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एनजीओ के सर्वे से खुलासा गोवा के 40 फीसदी स्कूली बच्चे देख रहे हैं बलात्कार का वीडियो, पोर्न वीडियो देखने के बाद रीयल लाइफ में रेप करना चाहते हैं।

पणजी। रेसक्यू एनजीओ द्वारा किए गए एक सर्वे के गोवा की जो तस्वीर लोगों को सामने रखी है वो पेरेन्टस को परेशान कर देने वाली है। सर्वे के मुताबिक गोवा के 40 फीसदी स्कूली बच्चे रेप वीडियो के आदी है। चौकाने वाली बात ये है कि पोर्न वीडियो देखने वालों में नाबालिग छात्रों की संख्या ज्यादा है। साइबर क्राइम और इससे जुड़े तथ्यों की जांच करने वाली कर्नाटक की एनजीओ रेसक्यू ने गोवा में ये सर्वे कराया।

एनजीओ के मुताबिक पूरे राज्य में हर रोज 86000 रेप वीडियो देखे जाते है और गोवा के 47 फीसदी डिग्री और अंडर ग्रेजुएट छात्र चाइल्ड पोर्न देखते है, जबकि 80 फीसदी कॉलेज स्टूडेंट और हायर सेकेंडरी स्कूल छात्र पोर्न देखते है। 40 फीसदी छात्र हर रोज पोर्न फिल्म देखते हैं और औसतन ये छात्र 28 रेप वीडियो हर हफ्ते देखते हैं।

छात्रों से पुछे गए सवाल के जबाव चौकाने के साथ चिंता का सबब है। सर्वे में छात्रों से रेप वीडियो देखने और रियल लाइफ में रेप जैसे अपराध पर आधारित सवाल भी पूछें गए, इस सवाल के जवाब में 76 फीसदी छात्रों ने कहा कि वो पोर्न वीडियो देखने के बाद रीयल लाइफ में रेप करना चाहते हैं। यह सवाल उठना लाजिमी है कि भारत में बढ़ रहे रेप जैसी वारदात की वजह पोर्न वीडियो तो नहीं हैं ? क्या इंटरनेट पर उपलब्ध वीडियो बच्चों के विचार दूषित कर रहा है ? हाल हीं में विहार के एक मंत्री ने बयान दिया था कि मोबाइल से रेप को बढावा मिलता है, क्यों उस पर वीडियो देखने के बादा ब्यक्ति के अंदर की यौन भावना को उकसावा मिलता है । 

 

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