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बंदरबांट खत्म, मासूमों से अब नहीं छिनेगा हाटकुक्ड निवाला !

हाथरस : सरकार ने हाटकुक्ड फूड पकाने की जिम्मेदारी कार्यकत्रियों से छीनकर एनजीओ को सौंप दी है। एनजीओ (गैर सरकारी संगठन) के लिए भी कड़े मानक तय किए गए हैं। यह सरकारी कवायद रंग लाई तो हाटकुक्ड योजना में कार्यकत्रियों, सुपरवाइजर व अन्य अफसर की बंदरबांट खत्म हो जाएगी और मासूमों को भर पेट भर पेट भोजन मिलेगा ।

एनजीओ को जनपद के आठ ब्लाकों में आइसीडीएस योजना के तहत हर आगनबाड़ी केंद्र पर हाट कुक्ड फूड मुहैया कराने की जिम्मेदारी सौंप दी है। मातृ समिति, आगनबाड़ी कार्यकत्री या केन्द्र की कोई भी कर्मचारी हाट कुक्ड की गुणवत्ता की जाच करेगा। केंद्रों पर हेल्पलाइन नंबर व मैन्यू दर्ज कराया जाएगा।

आठ एनजीओ यह जिम्मेदारी संभालेंगे और हाटकुक्ड की गुणवत्ता को लेकर सरकार ने इन एनजीओ को साफ हिदायत दी है कि हाटकुक्ड में ताजी सब्जियों का इस्तेमाल, शुद्ध तेल, एगमार्क मसाले, आयोडीन युक्त नमक व अन्य सामग्री का इस्तेमाल किया जाएगा। जिस स्थान पर हाटकुक्ड पकाया जाएगा, वहां पर सीसीटीवी कैमरा लगाए जाए, जिसकी नियमित मानीटरिंग की जाएगी।