गृहमंत्रालय के पास केवल दो फीसदी एनजीओ हीं हैं पंजीकृत, बांकि की संख्या और उनके धन की मात्रा को लेकर कोई केंद्रीकृत डाटाबेस नहीं।

 

 

नई दिल्ली: गृहमंत्रालय की एक रिपोर्ट के अनुसार देश में कार्यरत एनजीओ की संख्या और उनके संचालन में लगे धन की मात्रा को लेकर कोई केंद्रीकृत डाटाबेस नहीं है लेकिन अनाधिकारिक आंकड़े के मुताबिक 20 लाख से अधिक एनजीओ सोसायटीज रजिस्ट्रेशन एक्ट, ट्रस्ट एक्ट आदि में पंजीकृत हैं। लेकिन विदेशी अनुदान विनियमन अधिनियम के तहत पंजीकृत एनजीओ की संख्या कुल एनजीओ की दो फीसदी से अधिक होगी।

 

स्वैच्छिक संगठनों को हर साल 11,500 करोड़ रुपए विदेशी धन मिलने के बाद भी 20 लाख एनजीओ में से केवल दो फीसदी संगठन पंजीकृत किए गए हैं। स्वैच्छिक संगठनों को विदेशी अनुदान संबंधी रसीद एवं उपयोग पर गृहमंत्रलय की नवीनतम रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘विदेशी अनुदान पर रसीद एवं उपयोग संबंधी रिपोर्ट करने वाले एसोसिएशनों की संख्या बढ़ रही है लेकिन फिर भी यह चिंता का विषय है कि अब भी बड़ी संख्या में एसोसिएशन सांविधिक वार्षिक रिटर्न नहीं जमा करते जबकि कानून के अनुसार ऐसा करना अनिवार्य है।’’ (एजेंसी)

 

एनजीओ को मिल रहे विदेशी फंडिंग से मनी लांडरिंग और आतंकी गतिविधियों को आर्थिक मदद मिलने का खतरा।

 

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