कन्या भ्रूणहत्या (Female foeticide) रोकने के लिए एनजीओ की मदद लेगी सरकार

दिल्ली : कन्या भ्रूणहत्या (Female foeticide) रोकने के लिए केंद्र सरकार ने एनजीओ-पीएनडीटी स्कीम को विकेंद्रीकृत कर दिया है. इस स्कीम के तहत अब स्वयंसेवी संगठनों की कन्या भ्रूणहत्या रोकने के लिए मदद ली जाएगी, साथ ही राज्य सरकार एनजीओ को पैसा दे सकेगी. एनजीओ गांव-गांव और शहरों में इसके लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाएंगे. अभी तक यह पैसा उन्हें केंद्र सरकार दिया करती थी.

एनजीओ को राज्य सरकार 15 लाख रूपए देगी

राज्य सरकारें स्वयंसेवी संगठनों का चयन करेगी. स्वयंसेवी संगठन राज्य समुचित प्राधिकारी या एनआरएचएम निदेशक के पास आवेदन करेगा. एनजीओ का चयन उसके रजिस्ट्रेशन, अनुभव और संपत्ति के आधार पर होगा. कम से कम तीन वर्ष का अनुभव रखने वाली  एनजीओ को राज्य सरकार 15 लाख रूपए देगी. इससे वे जागरूकता शिविर, स्टिंग ऑपरेशन आदि कर सकेंगे. एनजीओ को हर 3 माह में रिपोर्ट प्रस्तुत करनी पड़ेगी.

अधिक सोनोग्राफी (sonography)मशीनों वाले जिलों पर विषेश नजर

स्वयंसेवी संगठनों के इस कार्यक्रम को उन जिलों में चलाएगी जहां लिंगानुपात सबसे कम है, जहां बाल लिंगानुपात तेजी से घट रहा है, जिन जिलों में मातृ मृत्युदर (Maternal Mortality Ratio) अधिक है और जहां सोनोग्राफी मशीनों की संख्या अधिक है.

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