एनजीओ को मिल रहे विदेशी फंडिंग से मनी लांडरिंग और आतंकी गतिविधियों को आर्थिक मदद मिलने का खतरा।

गृह मंत्रालय ने आगाह किया है कि गैर सरकारी संगठनों को अंशदान के रूप में हर साल मिलने वाली विदेशी फंडिग 11, 500 करोड़ रुपये से अधिक हैं, ऐसे में देश में कार्यरत कुछ एनजीओ को फंडिंग से मनी लांडरिंग और आतंकी गतिविधियों को आर्थिक मदद मिलने का खतरा है। विदेशी अंशदान की प्राप्ति और उपयोग पर ताजा वार्षिक रिपोर्ट में गृह मंत्रालय ने कहा कि एनजीओ का कार्य चूंकि सरकार के दायरे से बाहर स्वतंत्र होता है, इसलिए ऐसी उम्मीद है कि एनजीओ को स्वनियमन और कानून का पालन करने के लिए खुद ही जिम्मेदार बनना होगा । स्वयंसेवी क्षेत्र के लेकर राष्ट्रीय नीति का एक उद्देश्य यह भी है कि एनजीओ को शासन और प्रबंधन की पारदर्शी एवं जवाबदेह प्रणाली अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाए।

 

रिपोर्ट में कहा गया है कि यह बताना आवश्यक है कि भारत में एनजीओ सेक्टर मनी लांडरिंग एवं आतंकी फंडिंग के मामले में जोखिम की दृष्टि से संवेदनशील है। महत्वपुर्ण बात यह है कि 19 हजार के लगभग संगठनों के धन का लेखा-जोखा सरकार को नहीं मिले हैं. गृह मंत्रालय ने वैधानिक प्रतिबद्धताएं पूरी नहीं करने वाले एनजीओ के उपर कार्रवाई की है। देश में 31 मार्च, 2012 तक फॉरेन कंट्रीब्यूशन [रेगुलेशन] एक्ट के तहत पंजीकृत एनजीओ की संख्या 43,527 है।

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