राष्ट्रीय सामुदायिक रेडियो पुरस्कार-2014

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव श्री बिमल जुल्कार ने तीसरे सामुदायिक रेडियो पुरस्कार का वितरण किया।पुरस्कार प्राप्त करने वालों की सूची इस प्रकार है:-

• सर्वाधिक सृजनात्म्क/नवाचारी कार्यक्रम विषय वस्तु  पुरस्कार
यह पुरस्कार हर सामुदायिक रेडियो स्टेशनों को कार्यक्रमों और उनके प्रस्तु्तिकरण में नयेपन तथा समुदाय के बीच प्रभावी रूप से पारंपरिक संवाद के माध्यतम से विकास के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए दिया जाता है। 

1. ”फसल बुआई तथा कृषि तरीकों में पर्यावरण बदलाव के अनुसार परिवर्तन” कार्यक्रम के लिए येरला प्रोजेक्टि सोसाइटी, सांगली, महाराष्ट्रा द्वारा संचालित येरलावनी सामुदायिक रेडियो।
2.”सुन्नोम थेके सुरू-चतुर्भुज के प्रकार” कार्यक्रम के लिए जादवपुर विश्वविद्यालय, कोलकाता, पश्चिम बंगाल द्वारा संचालित जेयू सामुदायिक रेडियो।

•  तथ्यामत्मकता पुरस्कार यह पुरस्कार सामुदायिक रेडियो स्टेोशनों को समुदाय के हित और आवश्यरकता के अनुरूप कार्यक्रम बनाये जाने के लिए दिया जाता है।

1.”पुथोली” कार्यक्रम के लिए एजुकेशनल मल्टीमीडिया रिसर्च सेन्टर, अन्नार विश्वविद्यालय, चैन्नाई, तमिलनाडु द्वारा संचालित अन्ना सामुदायिक रेडियो को।
2. ”बाजार लाए बोछार” कार्यक्रम के लिए द एनर्जी एंड रिसोर्स इंस्टीट्यूट, उत्तराखंड द्वारा संचालित कुमाऊं वाणी।
3.”गृहासन से सिंहासन” कार्यक्रम के लिए प्रजा पिता ब्रह्म कुमारी र्इश्वयरीय विश्वविद्यालय, राजस्थान द्वारा संचालित रेडियो मधुबन। 

• समुदाय भागीदारी पुरस्कार यह पुरस्कार सामुदायिक रेडियो स्टेशनों को समुदाय को कार्यक्रमों की योजना, विषय वस्तु, प्रोडक्शन तथा प्रसारण में प्रभावी रूप से शामिल करने के लिए दिया जाता है।  
1. ‘खासो शासन” कार्यक्रम के लिए साईरे जो संगठन, गुजरात द्वारा संचालित साईरे जो रेडियो।
2.”विजयपथम” कार्यक्रम के लिए श्री विष्णुग इंजीनियरिंग कॉलेज फॉर वूमेन, आंध्र प्रदेश  द्वारा संचालित रेडियो विष्णु ।
3.”गांव की बात” कार्यक्रम के लिए कृषि एवं तकनीक जी. बी. पंत विश्विविद्यालय, उत्त‍राखंड द्वारा संचालित पंत नगर जनवाणी।

•  स्थानीय संस्कृति को  प्रोत्सांहित करने के लिए पुरस्कारयह पुरस्कार सामुदायिक रेडियो स्टेशनों को स्थानीय प्रतिभा और परंपराओं को अपने कार्यक्रमों में शामिल करने के लिए दिया जाता है।
1. ”कंधाई कथा” कार्यक्रम के लिए शिक्षा अनुसंधान विश्वविद्यालय, भुवनेश्वर ओडिशा द्वारा सं‍चालित वॉयस ऑफ एसओए समुदाय।
2.”अमा, कला, अमा संस्कृति” कार्यक्रम के लिए एसोसिएशन फॉर इंटीग्रेटेड डेवेलपमेंट, ओडिशा द्वारा संचालित रेडियो किसान।
3.   ”डुडी नालिके (कुनिथा)” कार्यक्रम के लिए सेंट एलोयसियस कॉलेज, मंगलोर, कर्नाटक द्वारा संचालित सामुदायिक रेडियो सारंग। 

• टिकाऊ विकास मॉडल पुरस्कार-यह पुरस्कार सामुदायिक रेडियो स्टेशनों को अपने लिए धन की व्यवस्था् करने के लिए नये-नये तरीकों और मॉडल को विकसित करने के लिए दिया जाता है।
1. सेंट जोसेफ कॉलेज ऑफ कम्यु निकेशन, केरल द्वारा संचालित रेडियो मीडिया विलेज।
     

इस वर्ष के राष्ट्रीय सामुदायिक रेडियो पुरस्का्र के लिए आवेदन 31 जनवरी, 2014 तक आमंत्रित थे। 68 सामु‍दायिक रेडियो स्टेरशनों से कुल 131 आवेदन प्राप्तं किये गये। पुरस्कांर के लिए पात्र सामुदायिक रेडियो स्टेरशनों का चयन करने के लिए स्वतंत्र चयन समिति का गठन किया गया।

वर्ष 2012 में सामुदायिक रेडियो स्टेशनों पर बेहतर कार्यक्रमों को प्रोत्साहित करने के लिए सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय सामुदायिक रेडियो पुरस्कार का आरंभ किया गया। ये पुरस्कार पाँच श्रेणियों में दिये जाते हैं।

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