मिड डे मील निगरानी समिति में अब सांसदों को भी शामिल किया जाएगा।

नई दिल्ली। मिड डे मील की अब सांसद भी करेंगे, मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने इससे संबंधित पत्र सभी सांसदों को भेजा है। भोजन की खराब गुणवत्ता को लेकर मिल रही शिकायतों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।

मंत्री ने बुधवार को लोकसभा में बताया कि मिड-डे मील योजना की निगरानी करने के लिए स्थापित संबंधित जिला स्तरीय समितियों का हिस्सा बनने के लिए सभी सांसदों को पत्र लिखा गया है। उन्होंने बताया कि वरिष्ठ संसद सदस्य के अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति मिड डे मील योजना की निगरानी कर सकती है। इसमें एमपी, एमएलए, जिला परिषद सदस्य और डीएम निगरानी समिति के सचिव होंगे। योजना की निगरानी समिति के अध्यक्ष त्रैमासिक तौर पर करेंगे।

उन्होनें यह भी कहा की स्कूलों में मध्याह्न भोजन के लिए रसोई के निर्माण लागत पर जितना खर्च आएगा उसमें राज्य और केंद्र 75:25 के अनुपात में साझा करेंगे। पूर्वोत्तर में लागत का 90:10 के अनुपात में साझा होगा। उन्होंने कहा कि केंद्र से रसोइयों के लिए प्रति माह 1,000 रुपये का मानदेय मिलता है और इसे राज्य बढ़ाने के लिए स्वतंत्र है।

 

मिड डे मील निगरानी समिति में अब सांसदों को भी शामिल किया जाएगा।

HRD Minister Asks MPs To Monitor Mid-day Meal Scheme

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