दुकानदारों को जागरुक करने और फूड लाइसेंस बनवाने के लिए अब एनजीओ का सहारा लेगी प्रदेश सरकार।

हिमाचल प्रदेश सरकार ने  निर्णय लिया है कि फूड लाइसेंस बनवाने के लिए वो एनजीओ का भी सहारा लेगी। एनजीओ अब फूड लाइसेंस बनाने के लिए लोगों को जागरूक करने के लिए काम करेगी। इस संबंध में निदेशालय स्वास्थ्य सुरक्षा एवं विनियमन ने सभी जिला खाद्य एवं सुरक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं। 

एफएसएसए एक्ट के तहत उन दुकानदारों को पंजीकरण अनिवार्य है जिनका रिटर्न 12 लाख से कम है जबकि इससे अधिक वाले दुकानदार को फूड लाइसेंस बनाना होता है। पंजीकरण न करवाने की सूरत पर एक्ट के तहत दो लाख रुपये तक जुर्माना हो सकता है। फूड लाइसेंस न होने पर पांच लाख रुपये जुर्माना व छह माह की कैद हो सकती है। प्रदेश में फूड लाइसेंस व पंजीकरण का कार्य ऑनलाइन किया जा रहा है। एफबीओ को डाक के माध्यम से लाइसेंस दुकान तक पहुंचाने की सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है। दुकानदार अब चार फरवरी 2015 तक एफबीओ अपना पंजीकरण व फूड लाइसेंस बनवा सकते हैं। इसके बाद लाइसेंस बनवाने के लिए एफबीओ को रोजाना 100 रुपये जुर्माना भरना होगा।

 

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