किशोर बालकों का चहुंमुखी विकास के साथ-साथ लैंगिक संवेदनशीलता को जगाना के लिए “सक्षम” योजना का शुभआरंभ

दिल्ली :किशोरी बालिकाओं की सशक्तिकरण के लिए चलने वाली “सबला” योजना के तर्ज पर ही किशोर बालकों के सशक्तिकरण के लिए  “सक्षम” योजना का शुभआरंभ 27 फरवरी 2014 को महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा किया गया. 

 

“सक्षम” का लक्ष्य किशोर लड़कों का चहुंमुखी विकास करना है ताकि जब वो बड़े हो तो उनमें आत्मनिर्भरता आए, लैंगिक संवेदनशीलता जगे और एक जागरूक नागरिक बने। यह योजना स्कूल और स्कूल न जाने वाले सभी किशोर लड़कों को लक्षित है। 11 से 18 साल तक के किशोरों को दो श्रेणियों में बांटा गया है।  किशोरों का समूह 11 से 14 एवं 14 से 18 वर्ष की आयु श्रेणियां के होंगे । प्रायोगिक आधार पर प्रथम चरण में  “सक्षम” योजना सात राज्यों के 20 चयनित जिलों में लागू किया जाएगा। योजना का लक्ष्य सालाना लगभग 6 लाख किशोर लड़कों को लाभ पहूंचाना है। 12 वीं पंचवर्षीय योजना में इसके लिए 100 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। वित्त वर्ष 2014-15 में इस योजना के मद में 25 करोड़ रुपये आवंटीत होगा।

“सक्षम” के शुभआरंभ के मौको पर महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की राज्यमंत्री कृष्णा तीरथ ने कहा कि सरकार द्वारा महिलाओं के संरक्षण हेतू कई विधायी और प्रोग्रामेटिक उपाय किए जा रहे हैं, सक्षम योजना का शुभारंभ भी इसी दिशा में एक और कदम है। योजना के अन्तर्गत किशोर लड़कों को प्रशिक्षण, उनका कौशल विकास, लैंगिक संवेदीकरण और स्वास्थ्य में सुधार के लिए कार्य किया जाएगा।

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार द्वारा “सक्षम” परियोजना के चयनित जिले में से 18 जिलों में किशोर लड़कियों सशक्तिकरण के लिए “सबला” योजना का परिचालन हो रहा है। इससे किशोर लड़कों और लड़कियों के बीच स्वस्थ संवाद के लिए एक अवसर मिलेगा और लैंगिक संवेदनशीलता आएगी।

हालांकि देश में पहले से कई ऐसी योजनाएं चल रही हैं जो बच्चों और किशोंरो के प्रशिक्षण एवं कौशल विकास और स्वास्थ्य में सुधार आदि के लिए लक्षीत है, लेकिन इस योजना में अगर कुछ नया है तो, यह है कि परियोजना से जुड़े किशोंरो में लैंगिक संवेदनशीलता को जगाने पर फोकस करना. किशोंरो के मन में महिलाओं के प्रति सम्मान एवं बराबरी का दर्जा देने की मनोवृति को जगाना.

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