आयुष्मान भारत- प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना क्या है जानिए

दुनिया की सबसे बड़ी चिकित्सा योजना आयुष्मान भारत- प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज झारखंड की राजधानी रांची से किया । योजना के तहत प्रति परिवार को 5 लाख रुपये की सालाना स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराई जाएगी। इस योजना के जरिए देश के 10 करोड़ परिवार लाभ उठा सकेंगे, यानी करीब 50 करोड़ लोगों को सालाना 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी।  इलाज के कुल 1,354 प्रकार के मेडिकल पैकेजों को योजना में शामिल किया गया है। जिसमें आंखों की सर्जरी, कैंसर सर्जरी, कीमोथेरपी, रेडिएशन थेरपी, हार्ट न्यूरो सर्जरी, रीढ़ की सर्जरी, बाइपास सर्जरी,  सीटी स्कैन और एमआरआई जैसे जांच शामिल हैं।  योजना में पुरानी और नई सभी बीमारियों को इसमें शामिल किया गया है योजना पेपरलेस तथा कैशलेस होगी। यह एक व्यापक योजना है जिसमें स्वास्थ्य के साथ ही साथ आरोग्य को भी शामिल किया गया है। सरकारी अस्पतालों के अलावा निजी क्षेत्र के चयनित अस्पतालों में भी इस योजना के तहत इलाज कराया जा सकेगा।

Read more...
Write comment (0 Comments)

सम्मानजनक होगा कौशल विकास का काम: धर्मेन्द्र प्रधान

नई दिल्ली। रोजगार के लिए तैयार हो रहे युवाओं को सम्मानजनक जीवन का हकदार बनाया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार इसे अपना दायित्व मानती है। इसके लिए कौशल विकास प्रशिक्षण काम को गति दी जाएगी। नए कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने पदभार ग्रहण करते हुए मीडिया को यह जानकारी दी।

Read more...
Write comment (0 Comments)

हजारों एनजीओ का निबंधन रद्द किया जा सकता है।

बिहार सरकार राज्य में निबंधित 43 हजार में से 34 हजार एनजीओ का निबंधन रद्द कर सकती है। निबंधन विभाग ने सभी संस्थाओं को 24 अगस्त तक रिटर्न और आडिट रिपोर्ट जमा करने का आदेश दिया था। लेकिन समय सीमा खत्म होने तक करीब नौ हजार संस्थाओं ने हीं कागजात जमा किए हैं।  विभाग से मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2015-16 तक राज्य में 43 हजार से ज्यादा स्वयंसेवी संस्थाएं निबंधित हैं।

Read more...
Write comment (0 Comments)

ज़ाकिर नाइक के एनजीओ को मिले विदेशी चंदे की जांच होगी

गृह मंत्रालय ने बिवादों में आए इस्लामिक उपदेशक ज़ाकिर नाइक के एनजीओ इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन (आईआरएफ) को मिले चंदे के जांच का आदेश दे दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक उसका एनजीओ गृह मंत्रालय की निगरानी में आ गया है कि उसने विदेशों से प्राप्त चंदे का उपयोग राजनीतिक गतिविधियों और लोगों को कट्टरपंथी विचारों के लिए प्रेरित करने के लिए किया।

Read more...
Write comment (0 Comments)

आय और खर्च का ब्योरा नहीं देने पर गैर सरकारी संगठनों पर लगेगा जुर्माना

गृह मंत्रालय के अनुसार लगातार दो साल तक सालाना आय और खर्च का ब्योरा नहीं देने वाले गैर सरकारी संगठनों पर जुर्माना लगेगा। जुर्माने की रकम विदेश से मिले दान का दस फीसदी या दस लाख रुपये, इसमें से जो भी कम होगा रहेगी। यह जुर्माना हर साल 31 दिसंबर के बाद, सालाना रिटर्न की जानकारी नहीं देने पर एक साल से लेकर दो साल तक एक साल में मिली विदेशी मदद का पांच फीसदी या पांच लाख रुपये होगा। 

Read more...
Write comment (0 Comments)

Page 1 of 11

Related Article

ADD YOUR NGO

in NGOs list 

  भारतीय एनजीओ की सूची 

Go to top