सहकारिता सम्मेलन पांच सितारा होटल में न हो : राधामोहन सिंह

नई दिल्ली। केंद्रीय कृषि एवं सहकारिता मंत्री राधामोहन सिंह ने आगाह किया है कि भविष्य में सहकारिता के सम्मेलन पांच सितारा होटल में नहीं होना चाहिए। सहकारिता देश के सामान्य लोगों की सेवा का क्षेत्र है। इसी अनुरूप अधिकारियों का आचरण होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सहकारिता को खर्चीले चमक दमक के रेडिएशन से बचाने की जरूरत है। केंद्रीय मंत्री दिल्ली के एक बड़े पांच सितारा होटल में एनसीसीटी की ओर से आयोजित सहकारिता के प्रशिक्षण एवं शिक्षण के राष्ट्रीय सम्मेलन के उदघाटन के मौके पर बोल रहे थे।

उन्होंने कहा कि सहकारिता से जुड़े ऐसे कार्यक्रम भारतीय राष्ट्रीय सहकारी संघ के प्रांगण  अथवा कृषि मंत्रालय में मौजूद सभागारों में होने चाहिए। उन्होंने कहा कि सवाल पैसे का नहीं बल्कि क्रियान्वयन का है। उन्होने सहकारिता में प्रशिक्षण की अनिवार्यता को योग्य नेतृत्व ओर मानवीय कौशल विकसित करने के लिए जरूरी बताया ताकि परिणाम को प्रभावी बनाया जा सके। उन्होने सहकारिता क्षेत्र में मौजूद खामियों को रेखांकित करते हुए कहा कि सहकारिता के औजारों में नहीं बल्कि कारीगरों मे कमी है। सहकारिता के नेतृत्व में संस्कार भरने की जरूरत है जिसकी कमी की वजह से सहकारी कर्ज वापस नहीं करना है का स्वभाव विकसित किया गया है।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि आर्थिक समाजिक विषमता को दूर करने में सहकारिता एकमात्र रास्ता है। उन्होंने ऐलान किया कि चिटफंड कंपनियों को मल्टी स्टेट कॉपरेटिव बनाकर जालसाजी करने का मौका नहीं दिया जाएगा। इस बाबत किसी भी शिकायत पर उनका मंत्रालय त्वरित कार्रवाई करने को तैयार है। खाद की कमी को दूर करने के लिए केंद्र सरकार आने वाले तीन महीनों में झारखंड के सिंदरी, बिहार के बरौनी और उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में वर्षों से बंद पडे कारखाने को शुरू करने जा रही है।

 

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