एफसीआरए उल्लंघन मामले में सीबीआई के समक्ष तीस्ता का बयान

विदेशी अंशदान नियमन कानून (एफसीआरए) का उल्लंघन करके कथित तौर पर करीब 2.9 लाख डॉलर का विदेशी दान प्राप्त करने के लिए अपनी कंपनी के खिलाफ दर्ज एक मामले के सिलसिले में सोमवार को सीबीआई के समक्ष तीस्ता सितलवाड ने अपना बयान दर्ज कराया.

सीबीआई ने सबरंग कम्युनिकेशन एंड पब्लिशिंग प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ आठ जुलाई को एक मामला दर्ज किया था. सीबीआई ने आरोप लगाया है कि एससीपीपीएल विदेश से धनराशि एकत्रित करने के लिए एफसीआरए के तहत पंजीकृत नहीं थी और इसलिए करीब 1.8 करोड़ रूपये (2.9 लाख डॉलर) कानून का उल्लंघन करके प्राप्त किया गया क्योंकि संगठन को केंद्रीय गृह मंत्रालय से पूर्व अनुमति प्राप्त करनी चाहिए थी. इस संबंध में सीबीआई अधिकारियों ने 14 जुलाई को चार स्थानों पर छापे मारे थे जिसमें सितलवाड, आनंद, एक सहयोगी गुलाम मोहम्मद पेशइमाम के परिसरों और एससीपीपीएल कार्यालय शामिल हैं.
              
सीबीआई ने अदालत से कहा, ‘‘छापे के दौरान 22 सितम्बर 2006 की तिथि वाला एनजीओ फोर्ड फाडंडेशन और एससीपीपीएल के बीच हुआ एक समझौता जब्त किया गया जो यह स्पष्ट रूप से दिखाता है कि भेजा गया धन अनुदान था. उसमें किसी तरह के ‘मशविरे’ का उल्लेख नहीं है.’’ जांच एजेंसी ने जमानत अर्जी का यह कहते हुए विरोध किया था कि एससीपीपीएल को विदेश अंशदान हस्तानांतरण के पीछे का उद्देश्य ‘‘आंतरिक सुरक्षा और भारत में गतिविधियों के संबंध में हस्तक्षेप’’ प्रतिबिंबित होता है. 
       
गृह मंत्रालय ने सीबीआई जांच का आदेश देते हुए कहा था कि नियमों के तहत कोई भी संगठन या कोई निजी कंपनी विदेशों से दान तभी स्वीकार कर सकती है जब उसके पास एफसीआरए पंजीकरण हो. इसलिए दान एफसीआरए प्रावधानों का एक ‘‘गंभीर उल्लंघन’’ है. मंत्रालय से प्राप्त निर्देशों के तहत कंपनी के मुम्बई में जुहू स्थित बैंक खाते के संचालन पर रोक लगा दी गई है. 

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