शौचालय घोटाले में मुकदमा दर्ज होने के 48 दिन बाद हुई पहली गिरफ्तारी, एनजीओ पदाधिकारी गिरफ्तार

बरेली के शौचालय घोटाले में मुकदमा दर्ज होने के 48 दिन बाद पहली गिरफ्तारी हुई है, कोतवाली पुलिस ने पंडित केशवदेव गौड़ मेमोरियल सोसायटी के कोषाध्यक्ष पारितोष भारद्वाज को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में डूडा के दो तत्कालीन अधिकारियों समेत कुल 11 एनजीओ पर बीते 12 मार्च को कोतवाली पुलिस में मुकदमा दर्ज हुआ था। जिसके बाद से पुलिस मामले की जांच में जुटी है। माना जा रहा है इस घोटाले से जुड़े अन्य आरोपी एनजीओ पदाधिकारियों की गिरफ्तारी हो सकती है।

 

वर्ष 2008 से 2011 के बीच नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायत क्षेत्रों में इंटीग्रेटेड लो कॉस्ट सेनेटरी योजना के तहत जिले में करीब 17 हजार शौचालयों के निर्माण का लक्ष्य था। तत्कालीन परियोजना अधिकारी ने शौचालय निर्माण का काम 11 एनजीओ को सौंप था, आरोप है कि एनजीओ ने कागजों पर शौचालयों का निर्माण दिखाकर करीब एक करोड़ 58 लाख रुपये गबन कर गए। निदेशालय और स्थानीय स्तर से कई बार जांच में धनराशि डकारे जाने की पुष्टि हुई। बीते 12 मार्च को विभाग के तत्कालीन पीओ और एपीओ सहित 11 एनजीओ पदाधिकारियों के खिलाफ गबन आदि का मुकदमा दर्ज कराया गया था।

एनजीओ पदाधिकारी पारितोष भारद्वाज कहा कि वर्ष 2009 में डूडा से एक साल का संस्था का एग्रीमेंट हुआ था और तत्कालीन एसडीएम की शौचालय पूर्ण होने की रिपोर्ट पर कमेटी ने बजट पास कर भुगतान किया था। पिछली जांच रिपोर्ट सब ठीक था, बाद में वह रिपोर्ट बदलकर उन्हें आरोपी बना दिया गया। भारद्वाज ने विभाग पर विद्वेषवश कार्रवाई का आरोप लगाया।

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