बच्चों की जगह गाय-भैंसों को परोसा जा रहा है मिड-डे मील।

बच्चों की जगह गाय-भैंसों को परोसा जा रहा है मिड-डे मील।
मृतसर : स्कूली बच्चों के लिए दिया जाने वाला मिड-डे मील का खाना बच्चों की जगह पर गाय-भैंसों को खाने के लिए परोस दिया गया। यह नजारा छहर्टा के एक सरकारी स्कूल के बाहर देखने को मिला। स्कूल के बाहर फुटपाथ पर गर्मागर्म चावलों के बड़े-बड़े ढेर लगे दिखाई दिए, जिसे गाय-भैंसें खा रही थीं। इस बारे में स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले भी स्कूलों में बच्चों के लिए खाना बनाया जाता था जो कि पौष्टिक और संतुलित होता था लेकिन जब से खाना बनाने का काम प्राइवेट कंपनी के ठेकेदारों के हाथ में सौंपा गया है, तब से खाने में खराबियां देखने को मिल रही हैं।

इस बारे में स्कूल के प्राचार्य का कहना है कि स्कूल में लगभग 600 विद्यार्थी हैं, जिनके लिए 90 किलो के करीब आज चावल भेजे गए जबकि सरकारी मैन्यू के अनुसार आज राजमां और रोटी की बारी है परन्तु भेजे गए चावल मोटे, कच्चे और सूखे होने के कारण बच्चों ने इसे खाने से इंकार कर दिया, जिसके कारण इसे स्कूल के बाहर फैंक दिया गया है। उन्होंने कहा कि संस्था जब-जब खराब मिड-डे मील की डिलिवरी करती है तो उसे मजबूरन फैंकना पड़ता है। कच्ची रोटियां, मोटे चावल और बदबूदार खाना को स्कूल के बाहर ग्रीन बैल्ट या फिर स्कूल के पीछे खाली ग्राऊंड में फैंक दिया जाता है।


खराब मिड-डे मील से जहां बच्चों के सेहत के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है, वहीं सरकार के प्रतिदिन करोड़ों रुपए बर्बाद हो रहे हैं। केंद्र सरकार मिड-डे मील योजना पर करोड़ों रुपए भेज रही है लेकिन पंजाब सरकार इस योजना को सही ढंग से लागू करने में नाकाम साबित हो रही है।

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