नाबालिगों को जबरन इंजेक्शन लगा देते हैं ताकि उनका शारीरिक विकास जल्दी हो और उन्हें देह व्यपार में ढकेला जाए।

नई दिल्ली। एक गैर सरकारी संगठन ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि आपराधिक गिरोह नाबालिग लड़कियो को बहला-फुसलाकर या फिर उनका अपहरण कर उन्हें जबरन हार्मोन इंजेक्शन लगा देते हैं ताकि उनका शारीरिक विकास जल्दी हो सके।

पिछले 24 साल से उत्तर प्रदेश के रेड लाइट एरिया में काम कर रही "गुरिया स्वयं सेवी संस्थान" ने केंद्र सरकार की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कोर्ट को बताया कि देशभर में देह व्यपार से 40 प्रतिशत नाबालिग लड़कियां जुड़ी हुई हैं जिन्हें जबरन इस व्यपार ढकेला गया है.

जस्टिस एच एल दत्तू और जस्टिस एस ए बोबड़े की खड़पीठ ने एनजीओ की याचिका पर केंद्र और राज्यों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है कि सकरार देह व्यपार में फंसी नाबालिग लड़कियों को बचाने के लिए क्या कदम उठाएगी।

संगठन का कहना है कि  आपराधिक गिरोह नाबालिग लड़कियों को जबरन हार्मोन इंजेक्शन या दवाईयां देते हैं ताकि उनका शारीरिक विकास जल्दी हो सके। लड़कियों को तब तक ऐसी दवाएं दिया जाता हैं जबतक वे देह व्यापार के लिए तैयार नहीं हो जातीं।

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