मिड डे मील से खीर गायब, दलिया भी हटेगा मेन्यू से

जनपद ग्रेटर नोएडा में स्कूली बच्चो को मिलने वाली मिड डे मील के मेन्यू से खीर गायब है। इसका कारण दूध का मंहगा होना बताया जा रहा है। मिड डे मील एनजीओ द्वारा खीर की जगह अब सब्जी-चावल देकर काम चलाया जा रहा है।

जनपद के 743 स्कूलों में 14 एनजीओ लगभग 80 हजार बच्चों को मिड डे मील दिया जाता है। बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा इन एनजीओ को मेन्यू के हिसाब से मील बांटने की जिम्मेदारी दी गई है। सोमवार से शनिवार तक बच्चों के खाने का मेन्यू बना हुआ है, जिसका बीएसए कार्यालय द्वारा पालन कराया जाना होता है। लेकिन एनजीओ द्वारा खाने में खीर नहीं दिए जाने को मेन्यू का पालन नहीं करना माना जा रहा है। बीएसए कार्यालय की मानें तो भैंस का दूध काफी महंगा मिल रहा जो एनजीओ के बजट में नहीं आ रहा है जिससे बंच्चों को खाने मे खिर नहीं परोसा जा रहा है। खुले बाजार में बिकने वाली दूध से बनी खीर न देने के पीछे एक तर्क यह भी है की इस दूध की गुणवत्ता की गारंटी नहीं है, इससे बच्चों को लाभ मिलने के वजाय हानि न हो जाए।

                

बच्चों को सोमवार और गुरुवार को मिलने वाला दलिया के बदले  अब रोटी और सब्जी देने पर विचार चल रहा है। इसका कारण बच्चों द्वारा गेहूं से बने दलिया को पसंद नहीं किया जाना और ज्यादातर बच्चों द्वारा इसे खाने से इनकार कर दिया जाना है। बच्चों की पंसद- नापंसद देखते हुए विभाग द्वारा दलिया को मेन्यू से हटाने की योजना है। इस बदलने के लिए विभाग ने मिड डे मील प्राधिकरण को पत्र भी लिखा है, और इसे अब प्राधिकरण के निर्देश भर का का इंतजार है।

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