सम्मानजनक होगा कौशल विकास का काम: धर्मेन्द्र प्रधान

नई दिल्ली। रोजगार के लिए तैयार हो रहे युवाओं को सम्मानजनक जीवन का हकदार बनाया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार इसे अपना दायित्व मानती है। इसके लिए कौशल विकास प्रशिक्षण काम को गति दी जाएगी। नए कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने पदभार ग्रहण करते हुए मीडिया को यह जानकारी दी।

इससे उम्मीद बढ़ गई है कि पूर्व मंत्री राजीव प्रताप रुढ़ी के दौर में लाखों रुपए खर्च कर प्रधानमंत्री कौशल विकास केंद्र( पीएमकेवीवाई2) खड़ा कर परेशान हुए लोगों की परेशानियां कम होंगी। पिछले दिनों पीएमकेवीवाई के प्रशिक्षण केंद्र चलाने वाले लोग आंदोलन पर उतारु थे। प्रधानमंत्री के दफ्तर को इस बारे में निरंतर जानकारी प्रेषित की जाती रही थी। सिर्फ पीएमकेवीवाई ही नहीं बल्कि देश भर में नए आईटीआई शुरु करने में आ रही दिक्कत परेशानी का सबब बन गई थी। आरोप लग रहा था कि कौशल विकास के क्षेत्र में बड़े प्लेयर्स की तरफदारी कर वह जानबूझकर नवागंतुकों को हतोत्साहित कर रहे हैं।

नए मंत्री के तौर पर धर्मेन्द्र प्रधान पूर्व उत्तराधिकारी राजीव प्रताप रूढ़ी के कामकाज पर प्रतिकूल टिप्पणी से बचने का काम किया। ढाई साल पूर्व गठन में आने के बाद से राजीव प्रताप रुडी के पास मंत्रालय का स्वतंत्र प्रभार था। लेकिन उनकी विफलता के बाद कौशल विकास के काम को ड्रीम प्रोजेक्ट का हिस्सा जताते हुए प्रधानमंत्री ने कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के लिए कैबिनेट मंत्री बनाने के साथ एक राज्य मंत्री भी नियुक्त किया है। अनंत हेगड़े को मंत्रालय का राज्यमंत्री बनाया गया है। नए राज्यमंत्री हेगड़े काफी हद तक पूर्व मंत्री राजीव प्रताप रुडी का हमशक्ल नजर आते हैं।

धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा कि प्रधानमंत्री के दिशानिर्देश के अनुरुप कौशल विकास के इकोसिस्टम को दुरुस्त किया जाएगा। विभिन्न राज्यों की सरकार, केंद्र सरकार के अन्य विभाग कौशल विकास के काम को कर रहे हैं। निजी क्षेत्र और एनजीओ अच्छा कर रहे हैं। यत्र तत्र सर्वत्र फैले कौशल विकास के काम को रोजगार उन्मुख बनाने के लिए एक मजबूत इकोसिस्टम तैयार करने की जरुरत है।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना की ओर से प्रशिक्षण दाताओं और आईटीआई संचालकों के भारी विरोध पूर्व मंत्री रुढ़ी पर भारी पड़ा।

पदभार ग्रहण करने के तत्काल बाद मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा कि प्रति वर्ष दस लाख से ज्यादा युवा रोजगार के लिए आ रहे हैं। उनको उचित मौका नहीं मिल पा रहा। मौका नहीं मिलने की वजह से आखिर में वह नौकरी करते हुए चाकरी के चक्कर में फंस जाते हैं। नौकरी और रोजगार में मौलिक अंतर है। कौशल विकास मंत्रालय का उद्देश्य युवाओं में रोजगार के लिए कौशल तैयार करना है। उनमें अत्याधुनिक दक्षता पैदा करनी है ताकि वह नौकरी तलाशने के बजाय नौकरी देने वाला का बाजार खुद खड़ा कर पाएं।

उन्होंने कहा कि दौर बदल रहा है। उसकी पारंपरिक रोजगार का स्वरूप बदल रहा है। दुनिया र में कौशल विकास पर जोर है। पिछले काम की समीक्षा कर कौशल विकास के काम को कैसे गति दी जाए, इसपर वह ठोस फैसला लेंगे। कौशल विकास का काम प्रधानमंत्री के लिए बडृा ड्रीम प्रोजेक्ट है। इसके संकेत रविवार को मंत्रीमंडल के लिए राष्ट्रपति भवन से जारी अधिसूचना के जरिए मिला। मंत्रालय के काम को जड़ तक पहुंचाने के लिए एक राज्य मंत्री को हटाकर धर्मेन्द्र प्रधान को कैबिनेट मंत्री बनाकर पेट्रोलियम एवं गैस मंत्रालय के साथ न सिर्फ कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार दिया गया बल्कि अनंत हेगडे को राज्यमंत्री बनाकर जोड़ दिया गया। आलोचना होती रही थी। खासतौर पर पीएमकेवीवाई 2 के केंद्र प्रशिक्षण केंद्र चलाने वालों की समस्या का हल होता नजर नहीं आ रहा था। प्रधानमंत्री के दफ्तर तक निरंतर शिकायतें जा रही थी कि बडे प्लेयर्स को लाभ पहुंचाने के लिए पीएमकेवीवाई के नवागंतुकों को हतोत्साहित किया जा रहा है। इस बारे में  पूछे गए सवाल को टालते हुए धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा कि उनको फिलहाल अधिकारियों के साथ विभाग के कामकाज को समझना बाकी है। उसके बाद ही नीतिगत मसले पर स्पष्ट तौर पर कुछ बता पाएंगे।

प्रधानमंत्री मोदी की सरकार में गठित इस नए मंत्रालय को पहली बार कैबिनेट मंत्री के साथ एक राज्य मंत्री भी दिया गया है। मंत्रालय के नए राज्यमंत्री अनंत हेगड़े भी धर्मेन्द्र प्रधान के साथ ही पदभार ग्रहण कर लिया। उनको पहली बार केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ क्षेत्र से पांच बार के सांसद हेगड़े ने कहा कि वह वरिष्ठ मंत्री दिशानिर्देशों के अनुरुप अपने काम को अंजाम देंगे।

 

नए कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने पदभार ग्रहण करते हुए मीडिया से  बातचीत के अंश सुनने के लिए क्लीक करें - Dhramendra Pradhan on Skill Development 

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