महिला एवं बाल विकास मंत्रालय से प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए पैसा मांगने वाले 90 फीसद एनजीओ फर्जी

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने स्वयंसेवी संस्थाओं के फर्जीवाड़े का एक बड़ा खुलासा किया है। मंत्रालय का कहना है कि एक प्रशिक्षण एवं नियोजन की योजना के तहत उसके पास वित्तीय अनुदान के लिए करीब 1400 गैर सरकारी संस्थाओं (एनजीओ) ने आवेदन दिया था। जांच के दौरान उनमें 90 फीसद फर्जी पाए गए। 

 

मंत्रालय ने प्रशिक्षण एवं नियोजन प्रोत्साहन कार्यक्रम (स्टेप) के तहत ग्रामीण इलाकों में महिलाओं को कौशल विकास का प्रशिक्षण देने के लिए स्वयंसेवी संस्थाओं से आवेदन मांगे थे। इसमें करीब 30 करोड़ रुपये खर्च होने थे। मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार अनुदान के लिए 1400-1500 आवेदन मिले जिनमें 90 फीसद फर्जी पाए गए। आवेदनों की जांच से पता चला कि अधिकांश एनजीओ ने फर्जी नाम और ब्योरे के साथ कई-कई आवेदन दिए थे।


प्रशिक्षण एवं नियोजन प्रोत्साहन कार्यक्रम (स्टेप) महिला एवं बाल विकास मंत्रालय का एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम है। इसका मकसद महिलाओं को स्वावलंबन बनाना है। इस खुलासे के बाद मंत्रालय ने निर्णय लिया है कि वह इस तरह के तमाम फर्जी एनजीओ को अपनी वेबसाइट पर डालेगा, ताकि अन्य मंत्रालयों के सामने भी उनकी पहचान उजागर हो सके। वर्ष 2015-16 के लिए इस योजना के तहत वित्तीय सहायता के लिए स्वयंसेवी संस्थाओं को आवेदन करने की आखिरी तारीख 31 मार्च थी।

 

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